DA Hike Big Update: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक बहुत ही कड़क और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार ने बढ़ती महंगाई से राहत देते हुए केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (Dearness Allowance – DA) और पेंशनर्स के महंगाई राहत (Dearness Relief – DR) में बढ़ोतरी को आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
सरकार का यह फैसला 7वें केंद्रीय वेतन आयोग (7th Pay Commission) की सिफारिशों के तहत स्वीकृत फॉर्मूले पर आधारित है। इस फैसले के बाद देश के 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 68 लाख से अधिक पेंशनभोगियों की टेक-होम सैलरी और मंथली पेंशन में तगड़ा उछाल देखने को मिलने वाला है, जो इस महंगाई के दौर में उनके लिए एक बड़ी राहत है।
इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में महंगाई भत्ते में 2% की बढ़ोतरी पर मुहर लगाई गई है। इस नई बढ़ोतरी के बाद केंद्रीय कर्मचारियों का कुल महंगाई भत्ता 58% से बढ़कर 60% हो गया है। सरकार का यह आदेश 1 जनवरी 2026 से प्रभावी (Effective) माना जाएगा।
इसका सीधा मतलब यह है कि कर्मचारियों और पेंशनर्स को पिछले महीनों का पूरा बकाया यानी एरियर (Arrears) भी उनकी आने वाली सैलरी के साथ जोड़कर दिया जाएगा। इस 2% की वृद्धि से सरकारी खजाने पर सालाना लगभग ₹6,791.24 करोड़ का वित्तीय भार पड़ेगा।

अगर बात करें कि इस बढ़ोतरी से आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा और सैलरी कितनी बढ़ेगी, तो इसका सीधा कनेक्शन आपके बेसिक पे (Basic Pay) यानी मूल वेतन से होता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी केंद्रीय कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹18,000 प्रति महीना है, तो 2% की बढ़ोतरी के हिसाब से उनकी हर महीने की सैलरी में ₹360 का सीधा इजाफा हो जाएगा।
वहीं, जिन वरिष्ठ अधिकारियों या कर्मचारियों का मूल वेतन ₹56,100 है, उनकी मासिक आय में लगभग ₹1,122 की कड़क बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा, महंगाई भत्ता बढ़ने से कर्मचारियों के अन्य भत्ते (जैसे ट्रैवल अलाउंस) पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ता है।
DA Hike Big Update
लेटेस्ट अपडेट्स की मानें तो इस 2% की बढ़ोतरी के तुरंत बाद अब सबकी नजरें जुलाई 2026 से होने वाली अगली समीक्षा पर टिक गई हैं। ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) के मौजूदा आंकड़ों और बढ़ती महंगाई के ट्रेंड को देखते हुए एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि जुलाई में होने वाले अगले रिवीजन में डीए (DA) को 3% से 4% तक और बढ़ाया जा सकता है, जिससे कुल महंगाई भत्ता 63% से 64% के पार पहुंच सकता है।
इसके साथ ही, कर्मचारी यूनियनों द्वारा 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन और नए पे-मैट्रिक्स को लेकर भी मांगें तेज हो गई हैं, जिस पर सरकार जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकती है।






















