Mystery of Anarkali: लाहौर की वो रहस्यमयी कब्र, जिसे अनारकली की कब्र कहा जाता है, जानिए 500 साल पुराना रहस्य

Mystery of Anarkali: लाहौर जिंदा दिलों का शहर। मोहब्बत, लजीज खाने और पुरानी कहानियां इस शहर की पहचान हैं। लेकिन इसी लाहौर में एक सरकारी बिल्डिंग के अंदर एक ऐसी कब्र मौजूद है जो सदियों से एक राज अपने अंदर छुपाए हुए है। कहा जाता है कि इस कब्र में एक ऐसी औरत दफन है जिसे जिंदा दीवार में चुनवा दिया गया था।

उसका जुर्म सिर्फ इतना कि उसने मुगल बादशाह के बेटे से मोहब्बत कर ली थी। लेकिन असली हैरानी की बात यह है क्या इस कब्र में वाकई अनारकली दफन है? या फिर हम सदियों से एक ऐसी कहानी पर यकीन करते आ रहे हैं जिसका सच कुछ और है। जामी एक्सप्लोर पर एक बार फिर से खुशामदीद। इस कहानी की शुरुआत होती है मुगल बादशाह जलालुद्दीन अकबर के दौर से।

Mystery of Anarkali

रिवायत के मुताबिक अकबर के दरबार में एक खूबसूरत औरत थी जिसे दुनिया आज अनारकली के नाम से जानती है। कहा जाता है कि अनारकली और अकबर के बेटे प्रिंस सलीम के दरमियान मोहब्बत पैदा हो गई। जब अकबर को इस रिश्ते का पता चला तो कहा जाता है कि वो इंतहाई गुस्से में आ गए। और फिर उन्होंने अनारकली को एक ऐसी सजा सुनाई जो आज भी इस कहानी को खौफनाक बना देती है। जिंदा दीवार में चुनवा देने की सजा। लेकिन यहां एक सवाल पैदा होता है। क्या यह वाकई हुआ था?

या फिर यह सिर्फ एक ऐसी कहानी [संगीत] थी जो वक्त के साथ और भी मशहूर होती चली गई। साल गुजरते गए। प्रिंस सलीम खुद मुगल [संगीत] तख्त पर बैठा और जहांगीर के नाम से मशहूर हुआ। अब मशहूर रिवायत के मुताबिक जहांगीर ने अपनी मोहब्बत अनारकली की याद में लाहौर में एक शानदार मकबरा बनवाया। [संगीत] आज यह इमारत लाहौर के सिविल सेक्रेटेरियट के अंदर मौजूद है।

Mystery of Anarkali

बाहर से देखने में यह एक पुरानी मुगल बिल्डिंग लगती है। लेकिन अंदर जाते ही नजर पड़ती है एक सफेद मार्बल के सेनोटफ पर। नफीस कार्विंग, खूबसूरत पर्शियन कैलीग्राफी और मोहब्बत से भरे हुए अल्फाज़। सब कुछ ऐसा लगता है जैसे यह जगह वाकई किसी बहुत खास शख्स की याद में बनाई गई हो। लेकिन अगर यह अनारकली का मकबरा है तो फिर इसकी सबसे बड़ी मिस्ट्री क्या है?

यहीं से अनारकली की कहानी और भी मिस्टीरियस हो जाती है। क्योंकि मुगल हिस्ट्री के इंपॉर्टेंट रिकॉर्ड्स में अनारकली की इस मशहूर कहानी का कोई क्लियर जिक्र नहीं मिलता। ना अकबर के दौर की ऑफिशियल हिस्ट्री में इस वाक्या का वाज़ रिकॉर्ड मिलता है और ना ही जहांगीर की अपनी किताब तजुके जहांगीरी में अनारकली की इस कहानी का कोई क्लियर जिक्र मिलता है।

Mystery of Anarkali

तो फिर यह कहानी आई कहां से? और अगर अनारकली को वाकई जिंदा दीवार में चुनवा दिया गया था, तो लाहौर में यह मकबरा किसका है? इसी सवाल पर हिस्टोरियंस की राय भी एक जैसी नहीं। एक इंपॉर्टेंट थ्योरी के मुताबिक यह मकबरा अनारकली का नहीं बल्कि जहांगीर की एक बीवी साहिब जमाल का हो सकता है। यानी जिस कब्र को लोग सदियों से अनारकली की कब्र समझते आए हैं, मुमकिन है उसमें अनारकली हो ही न।

और अगर ऐसा है तो फिर अनारकली का असल मकबरा कहां है? यही वो सवाल है जिसका जवाब आज भी पूरी तरह क्लियर नहीं है। लेकिन अगर आप कभी लाहौर जाओ तो इस मकबरे के सामने कुछ पल जरूर रुकना। उस खामोश [संगीत] कब्र को देखना और खुद से एक सवाल करना। क्या यह एक सच्ची मोहब्बत की निशानी है या सिर्फ एक ऐसा अफसाना जो सदियों से लाहौर के नाम के साथ जिंदा है।