PM Matru Vandana Yojana: देश में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार कई योजनाएं चला रही है। इनमें से एक है प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PM Matru Vandana Yojana)। इस योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता देना है, ताकि वे गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के बाद अपने स्वास्थ्य और पोषण का बेहतर ध्यान रख सकें।
इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को पहले जीवित बच्चे के लिए कुल ₹5,000 की सहायता दो किस्तों में दी जाती है। वहीं, दूसरे बच्चे के लड़की होने पर पात्र महिला को ₹6,000 की सहायता एक किस्त में मिल सकती है। अगर आप या आपके परिवार में कोई महिला इस योजना का लाभ लेना चाहती है, तो आइए जानते हैं इसकी पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन करने का पूरा तरीका।
PM Matru Vandana Yojana क्या है?
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की मातृत्व लाभ योजना है। इसे पूरे देश में 1 जनवरी 2017 से लागू किया गया था। अप्रैल 2022 से इस योजना को मिशन शक्ति के अंतर्गत संशोधित रूप में लागू किया गया, जिसे PMMVY 2.0 कहा जाता है।
इस योजना के माध्यम से पात्र गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। इसका मकसद गर्भावस्था के दौरान जरूरी स्वास्थ्य जांच, उचित पोषण और बच्चे के जन्म के बाद टीकाकरण जैसी जरूरी गतिविधियों को बढ़ावा देना भी है।

PM Matru Vandana Yojana में कितने रुपये मिलते हैं?
इस योजना में मिलने वाली सहायता बच्चे के जन्म क्रम और पात्रता पर निर्भर करती है।
| बच्चे की स्थिति आर्थिक सहायता | |
|---|---|
| पहले जीवित बच्चे के लिए | ₹5,000 |
| दूसरे बच्चे के लड़की होने पर | ₹6,000 |
पहले बच्चे के लिए ₹5,000 कैसे मिलते हैं?
पहले जीवित बच्चे के लिए सहायता दो किस्तों में दी जाती है।
- पहली किस्त ₹3,000: गर्भावस्था का पंजीकरण और निर्धारित प्रसवपूर्व स्वास्थ्य जांच (ANC) की शर्तें पूरी करने पर।
- दूसरी किस्त ₹2,000: बच्चे के जन्म का पंजीकरण और निर्धारित शुरुआती टीकाकरण की शर्तें पूरी करने पर।
स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण से संबंधित शर्तें पूरी करना जरूरी है। आवेदन करते समय पोर्टल या आंगनवाड़ी केंद्र से लागू नियमों की पुष्टि जरूर करें।
दूसरे बच्चे के लिए ₹6,000 कब मिलते हैं?
अगर परिवार का दूसरा बच्चा लड़की है, तो पात्र महिला को ₹6,000 की सहायता एक किस्त में दी जा सकती है। इसके लिए गर्भावस्था का पंजीकरण, निर्धारित स्वास्थ्य जांच, बच्चे के जन्म का पंजीकरण और 14 सप्ताह की उम्र तक लागू शुरुआती टीकाकरण संबंधी शर्तें पूरी करनी होती हैं।
PM Matru Vandana Yojana के लिए कौन पात्र है?
इस योजना का लाभ सामाजिक और आर्थिक रूप से पात्र श्रेणियों में आने वाली गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली माताएं ले सकती हैं।
सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, पात्रता के लिए निम्न में से लागू श्रेणी का प्रमाण देना पड़ सकता है:
- अनुसूचित जाति (SC) की महिलाएं।
- अनुसूचित जनजाति (ST) की महिलाएं।
- 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाली महिलाएं।
- BPL राशन कार्ड रखने वाली महिलाएं।
- आयुष्मान भारत PM-JAY की लाभार्थी महिलाएं।
- मनरेगा जॉब कार्ड रखने वाली महिलाएं।
- ई-श्रम कार्ड रखने वाली महिलाएं।
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की लाभार्थी महिला किसान।
- जिनके परिवार की वार्षिक शुद्ध आय ₹8 लाख से कम है।
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत राशन कार्ड रखने वाली महिलाएं।
- पात्र आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायिका और आशा कार्यकर्ता।
इसके अलावा, सरकार द्वारा निर्धारित अन्य श्रेणियां भी पात्र हो सकती हैं।
ध्यान दें: केंद्र या राज्य सरकार में नियमित रोजगार करने वाली तथा किसी अन्य कानून के तहत समान मातृत्व लाभ पाने वाली महिलाओं पर अलग नियम लागू हो सकते हैं। आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता की पुष्टि करें।
PM Matru Vandana Yojana के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन करते समय कुछ जरूरी दस्तावेज और जानकारियां मांगी जा सकती हैं। इन्हें पहले से तैयार रखना उपयोगी रहेगा।
- महिला का आधार कार्ड या आधार नंबर।
- आधार से जुड़ा बैंक या डाकघर खाते का विवरण।
- सक्रिय मोबाइल नंबर।
- MCP/RCHI कार्ड यानी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ा कार्ड।
- गर्भावस्था और स्वास्थ्य जांच से संबंधित जानकारी।
- पात्रता साबित करने वाला कोई एक मान्य दस्तावेज, जैसे ई-श्रम कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, BPL राशन कार्ड या लागू श्रेणी का प्रमाणपत्र।
- बच्चे के जन्म का प्रमाणपत्र, जहां आवश्यक हो।
- बच्चे के टीकाकरण से संबंधित जानकारी, जहां आवश्यक हो।
दस्तावेजों की वास्तविक सूची आपकी स्थिति और आवेदन के चरण के अनुसार अलग हो सकती है। योजना में पति का आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है।
PM Matru Vandana Yojana Online Apply: ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
पात्र महिलाएं स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। जरूरत पड़ने पर नजदीकी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या आशा कार्यकर्ता भी आवेदन प्रक्रिया में मदद कर सकती हैं।
आवेदन करने के लिए इन चरणों का पालन करें:
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://pmmvy.wcd.gov.in/ खोलें।
- नागरिक लॉगिन (Citizen Login) का विकल्प चुनें।
- मांगी गई जानकारी भरकर लॉगिन या पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करें।
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का आवेदन फॉर्म खोलें।
- अपनी व्यक्तिगत जानकारी, गर्भावस्था और स्वास्थ्य जांच से संबंधित विवरण भरें।
- जरूरी दस्तावेज और पात्रता का प्रमाण अपलोड करें।
- फॉर्म में भरी गई सभी जानकारी ध्यान से जांचें।
- आवेदन सबमिट करें और उपलब्ध आवेदन संख्या या रसीद सुरक्षित रखें।
यदि ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी हो, तो अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या आशा कार्यकर्ता से संपर्क कर सकती हैं।
PM Matru Vandana Yojana का पैसा कैसे मिलता है?
इस योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से पात्र महिला के आधार से जुड़े बैंक या डाकघर खाते में भेजी जाती है।
इसलिए आवेदन करते समय यह जांच लें कि बैंक खाते की जानकारी सही है और आधार आधारित भुगतान के लिए खाता आवश्यक रूप से लिंक है। नाम, बैंक विवरण या आधार से जुड़ी जानकारी में गलती होने पर भुगतान में परेशानी आ सकती है।
आवेदन करने के बाद स्टेटस कैसे चेक करें?
अगर आपने योजना के लिए आवेदन कर दिया है और जानना चाहती हैं कि पैसा कब आएगा, तो आवेदन की स्थिति जांचने के लिए आधिकारिक PMMVY पोर्टल का इस्तेमाल करें।
- आधिकारिक पोर्टल https://pmmvy.wcd.gov.in/ पर जाएं।
- नागरिक लॉगिन के माध्यम से उपलब्ध विकल्पों में लॉगिन करें।
- आवेदन या लाभार्थी की स्थिति देखने का विकल्प तलाशें।
- मांगी गई जानकारी भरकर उपलब्ध स्टेटस देखें।
अगर पोर्टल पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही है, तो आवेदन संख्या और संबंधित दस्तावेज लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या संबंधित विभागीय कार्यालय से सहायता लें। आवेदन करने के बाद भुगतान की कोई निश्चित तारीख मानकर न चलें।
बच्चे के जन्म के बाद आवेदन कर सकते हैं क्या?
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के FAQ के अनुसार, पात्र लाभार्थी बच्चे के जन्म की तारीख से 270 दिनों के भीतर आवेदन कर सकती है, बशर्ते योजना की बाकी पात्रता शर्तें पूरी हों। फिर भी बेहतर यही है कि गर्भावस्था के दौरान ही पंजीकरण करवा लिया जाए, ताकि जरूरी स्वास्थ्य जांच और समय-सीमा से जुड़ी शर्तें पूरी करने में परेशानी न हो।
PM Matru Vandana Yojana के फायदे
इस योजना से पात्र महिलाओं को गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के बाद कुछ आर्थिक सहायता मिलती है। इससे पोषण, स्वास्थ्य जांच और बच्चे के शुरुआती टीकाकरण से जुड़ी जरूरतों में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा, दूसरे बच्चे के लड़की होने पर मिलने वाली सहायता के जरिए योजना का एक उद्देश्य बालिका के प्रति सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करना भी है।
हालांकि, यह सहायता परिवार की सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए नहीं है। इसे मातृत्व के दौरान आर्थिक सहयोग देने वाली सरकारी योजना के रूप में समझना चाहिए।
PM Matru Vandana Yojana FAQs
1. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में कितने रुपये मिलते हैं?
पहले जीवित बच्चे के लिए पात्र महिला को कुल ₹5,000 दो किस्तों में मिलते हैं। दूसरे बच्चे के लड़की होने पर पात्रता और शर्तें पूरी करने पर ₹6,000 एक किस्त में मिल सकते हैं।
2. PM Matru Vandana Yojana में ऑनलाइन आवेदन कहां करें?
आप आधिकारिक पोर्टल https://pmmvy.wcd.gov.in/ पर जाकर आवेदन कर सकती हैं।
3. क्या सभी गर्भवती महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकती हैं?
नहीं। महिला को योजना की निर्धारित पात्रता श्रेणियों और अन्य शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
4. क्या पति का आधार कार्ड जरूरी है?
नहीं। PMMVY 2.0 के तहत लाभार्थी महिला के पति का आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है।
5. योजना का पैसा किस खाते में आता है?
पात्र महिला को पैसा DBT के माध्यम से उसके आधार से जुड़े बैंक या डाकघर खाते में भेजा जाता है।
6. बच्चे के जन्म के बाद कितने दिनों तक आवेदन किया जा सकता है?
मंत्रालय के FAQ के अनुसार, पात्रता की शर्तें पूरी होने पर बच्चे के जन्म के 270 दिनों के भीतर आवेदन किया जा सकता है। समय-सीमा और लागू नियमों की पुष्टि आधिकारिक पोर्टल से करें।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। इसके तहत पात्र महिला को पहले जीवित बच्चे के लिए ₹5,000 और दूसरे बच्चे के लड़की होने पर ₹6,000 मिल सकते हैं।
अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहती हैं, तो अपनी पात्रता जांचें, जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और आधिकारिक पोर्टल या नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र के माध्यम से आवेदन करें। सही जानकारी और समय पर पंजीकरण से आवेदन प्रक्रिया आसान हो सकती है।

