Home History Ancient Indian History: प्राचीन भारत का इतिहास, सभ्यताओं, राजाओं और संस्कृति की...

Ancient Indian History: प्राचीन भारत का इतिहास, सभ्यताओं, राजाओं और संस्कृति की पूरी कहानी

0
Ancient Indian History

Ancient Indian History: सोने की चिड़िया कहा जाने वाला भारत दुनिया के सबसे प्राचीन देशों में से एक है। भारत का इतिहास बहुत पुराना है। आज के लॉजिकल सर्वे से पता चलता है। कि भारत में इंसानी गतिविधि 250000 सालों से भी ज्यादा पुरानी है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इतने पुराने समय में होमो सेपियंस जो कि हम खुद हैं। उनके अलावा 10 से 12 और इंसानी प्रजातियाँ रहती थीं जो आज के समय में विलुप्त हो चुकी हैं। अब दोस्तों, इतनी सारी इंसानी प्रजातियाँ आखिरकार क्यों विलुप्त हुईं, यह हम किसी और दिन जानेंगे।

Ancient Indian History
Ancient Indian History

भारत का इतिहास

इतने पुराने समय में ह्यूमन एक्टिविटीज के सबूत मिलने यह दर्शाता है कि भारत का इतिहास सच में ही काफी पुराना है। आर्केलॉजिकल एग्जिबीशंस में पत्थरों के औजारों सहित आदि मानव द्वारा प्रयोग किए गए ऐसे औजार भी मिलते हैं जो इस ओर इशारा करते हैं कि भारत के रिजर्व में इंसान काफी पुराने समय से रह रहे हैं।

जब बात पुरानी सभ्यताओं की होती है। तो अक्सर इजिप्ट और मैसोपोटामिया की सफलताओं का जिक्र होता है बेशक यह दोनों सभ्यताएं बेहद पुरानी और अपने समय का विकसित थी लेकिन पश्चिमी देशों द्वारा भारत के प्राचीन इतिहास को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है जबकि भारत में बची सभ्यताएं भी इज्जत और मेसोपोटामिया की सभ्यता ओं से कम नहीं थी।

ईसा के जन्म से 7000 साल पूर्व मौजूद हड़प्पा, या कहें सिंधु घाटी की सभ्यता, अपने दौर में दुनिया की सबसे विकसित और महान सभ्यताओं में से एक थी और भारत में ही थी। सिंधु घाटी की सभ्यता मेसोपोटामिया और इजिप्ट की सफलताओं से भी ज्यादा दूर तक फैली हुई थी और इन दोनों सभ्यताओं की जितनी ही विकसित थी। हिंदुत्व, जैन धर्म, बौद्ध धर्म और सिख धर्म जैसे धर्मों का जन्म हमारे देश भारत में ही हुआ।

भारत ने दुनिया को क्या-क्या दिया?

हमारे भारत ने दुनिया को क्या नहीं दिया? प्राचीन भारत में ऐसे कई आविष्कार हुए हैं। जिनके बिना आज की दुनिया की कल्पना करना कठिन है—प्लस टॉयलेट, ड्रेनेज व सीवर सिस्टम्स, पब्लिक स्कूल्स, मैथमेटिक्स, वेटरनरी साइंस, प्लास्टिक सर्जरी, बोर्डगेम्स, योग और मेडिटेशन जैसी चीजें और प्रैक्टिसेज भारत से ही शुरू होकर पूरी दुनिया तक फैलीं। चीन, इंडस वैली सिविलाइजेशन का इंफ्रास्ट्रक्चर और टाउन प्लानिंग इंसानी क्रिएटिविटी का एक बेमिसाल उदाहरण है।

यह सिविलाइजेशन अपने समय से काफी आधुनिक थी 1000 बीसी के समय इंडस वैली सिविलाइजेशन के लोग डिस्टलेशन प्रोसेस के जरिए जिनके ओर से जिंक एक्सट्रेक्ट करना जानते थे। इस धातु के प्रोडक्शन के कारण ही चेक के बर्तनों का अविष्कार हुआ और समय के साथ उसमें इनोवेशंस होते चले गये लगभग 4000 सालों तक भारत के लोग जिंक एक ट्रैक करने के तरीके को गुप्त रखने में सक्षम रहे कहा जाता है कि पुराने समय में भारत जिंक यूज करने वाला इकलौता देश था।

हालांकि माना जाता है कि आखिर में एक चाइनीज़ इंसान ने इसे चुरा लिया जिसके बाद एक अंग्रेज ने उस चाइनीस व्यक्ति से भी चुरा लिया इसके अलावा बटन और step-wells का अविष्कार भी इंडस वैली सिविलाइजेशन के लोगों ने ही किया था इस सभ्यता के लोगों को लेंथ वेट और समय को मापना आता था नैविगेशन कि कल आप भारत में आज से लगभग 6000 साल पहले डेवलप हुई थी और यह पहले इंडस वैली सिविलाइजेशन के लोगों द्वारा ही डेवलप की गई थी।

वैदिक पीरियड के बाद भारत

अब दोस्तों चलिए आगे बढ़ते हैं और वैदिक पीरियड के बाद के भारत के बारे में थोड़ा बहुत जान लेते हैं तो अभी आप जो देख रहे हैं। वह भारतीय इतिहास में भारत का सबसे बड़ा साम्राज्य रहा है। 322 बिजी से लेकर 150 2030 तक मौर्य डा आपके द्वारा रूल किया गया मौर्य एंपायर भारत का सबसे बड़ा एंपायर था इसकी शुरुआत चंद्रगुप्त मौर्य ने की जिसके बाद उनके बेटे बिंदू सारा और उसके बाद बिंदुसारा के बेटे अशोक ने इस पर राज किया यह सब तो आपने अपने स्कूल के दिनों में भी पढ़ा होगा। तो चलिए एनसीईआरटी इंडिया से जुड़ी उन खास बातों को जानते हैं जो शायद ही आपको स्कूल में पढ़ाई गई हों।

प्राचीन भारत में महिलाओं की स्थिति आज के मुकाबले काफी बेहतर थी ना केवल उनको उन विषयों के बारे में बात करने दिया जाता था जो आज के समय एप्रोप्रियेट मानी जाती हैं बल्कि वे स्वयं की इच्छा से अपने पति को चूर्ण भी सकती थी प्राचीन भारत में स्वयंबर एक ऐसी प्रैक्टिस होती थी जिसमें शादी लायक एक लड़की को अपनी पसंद से उसका पति चुनने दिया जाता था इसके बाद एक पवित्र समय चुना जाता है और सारे रीति-रिवाजों का पालन करते हुए शादी कर दी जाती है।

वाराणसी जिसे बनारस के नाम से भी जाना जाता है। वह दुनिया के सबसे पुराने शहरों में से एक है जिसका वजूद आज भी कायम है। कहा जाता है कि 500 बी सी में जब गौतम बुद्ध ने इस शहर को विजिट किया था तब उस समय भी इसे प्राचीन शहर माना जाता था। मतलब कि यह शहर सच में ही बेहद प्राचीन था यों तो मौजूदा समय में भारत की शिक्षा व्यवस्था कुछ खास नहीं है लेकिन प्राचीन समय में भारत शिक्षा के मामले में बाकी अन्य देशों से कहीं आगे था।

दुनिया की सबसे पहली यूनिवर्सिटी

भारत में ही स्थित तक्षशिला को दुनिया की सबसे पहली यूनिवर्सिटी माना जाता है इसकी शुरुआत स्व बीच में हुई थी और दुनिया भर से करीब 10 हजार छात्र 60 से ज्यादा वैसे यहां पर पढ़ने आते थे। इसके अलावा फिफ्थ सेंचरी अड इसे लेकर 11:00 सेंचुरी रेड्डी के दौरान नालंदा यूनिवर्सिटी बीच है जहां पर हायर लर्निंग के लिए दुनिया भर के छात्र पढ़ने आते थे। नालंदा यूनिवर्सिटी आज के बिहार में स्थित थी और कहा जाता है कि नालंदा की लाइब्रेरी अपने समय की सबसे बड़ी लाइब्रेरी थी।

पुराने समय के राजा जानते थे कि एजुकेशन बहुत महत्वपूर्ण है और इसीलिए नालंदा यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों को किसी प्रकार की फीस नहीं देनी पड़ती थी वह फ्री में पढ़ते थे और उनका सारा खर्चा उस समय राज कर रहे राजा उठाते थे। कहा जाता है कि जब यह यूनिवर्सिटी अपने टॉपिक पर थी तब यहां पर लगभग 1500 ज़ोर स्कॉलर्स थे और 10,000 छात्र यहां पर पड़ते थे।

90 लाख हाथ से लिखी हुई पुस्तकें

इस यूनिवर्सिटी में साइंस पॉलिटिक्स कि जैसे कई सारे सब्जेक्ट पढ़ाई जाते थे कि बख्तियार खिलजी ने बारहवीं सदी में नालंदा यूनिवर्सिटी को तबाह कर दिया नालंदा की लाइब्रेरी जिसमें 90 लाख हाथ से लिखी हुई पुस्तकें मौजूद थी उन्हें जला दिया गया कहा जाता है कि नालंदा लाइब्रेरी में मौजूद पुस्तकें हैं। तीन महीनों तक चलती रही एक बार जरा सोच कर दे कि इन किताबों में ऐसी कितनी महत्वपूर्ण जानकारियां रही होंगी जो खत्म हो गई नालंदा यूनिवर्सिटी के खात्मे के साथ खत्म हो गई।

दोस्तों यह थे प्राचीन भारत से जुड़े वह तक है जो आपको जरूर जाने चाहिए थे यकीनन भारत का इतिहास बेहद सुनहरा रहा है। यह सुख और समृद्धि होने के साथ-साथ ज्ञान का भंडार भी था और यही कारण था कि इसे सोने की चिड़िया कहा जाता था। खैर मॉडर्न हिस्ट्री की बात करें तो भी अंग्रेजी हुकूमत से पहले तक भारत दुनिया के सबसे अमृत और अमीर देशों में से एक था।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version