New Mercedes-Benz S-Class vs Old Model: जब बात दुनिया की सबसे आलीशान, सुरक्षित और टेक्नोलॉजी से लोडेड गाड़ियों की आती है, तो जुबां पर सबसे पहला नाम Mercedes-Benz S-Class का आता है। मर्सिडीज ने अपनी इस फ्लैगशिप सेडान का नया फेसलिफ्ट वर्जन भारतीय और ग्लोबल मार्केट में उतार दिया है।
वैसे तो पहली नजर में पुराना मॉडल (Pre-facelift) भी किसी फाइव-स्टार विला जैसा लगता है, लेकिन नए मॉडल में कंपनी ने 50% से ज्यादा कंपोनेंट्स को पूरी तरह बदल दिया है। अगर आप जानना चाहते हैं कि न्यू मर्सिडीज एस-क्लास अपने पुराने मॉडल से कितनी अलग और कड़क है, तो आइए इसका पूरा गणित समझते हैं।

डिजाइन और एक्सटीरियर
नए और पुराने मॉडल को जब आप आमने-सामने खड़ा करेंगे, तो आपको फ्रंट प्रोफाइल में सबसे बड़ा और कड़क बदलाव नजर आएगा।
ग्रैंड ग्रिल (Enlarged Grille): पुराने मॉडल के मुकाबले नई एस-क्लास की फ्रंट ग्रिल का साइज लगभग 20% बढ़ा दिया गया है, जो अब सीधे तौर पर पुरानी क्लासिक और रोबीली मर्सिडीज की याद दिलाती है। सबसे कड़क बात यह है कि अब इस बड़ी ग्रिल के चारों तरफ इल्यूमिनेटेड सराउंड (Illuminated Grille) दिया गया है, जो रात में चमकता है।
बोनट स्टार और लाइट्स: पुराने मॉडल में बोनट पर मर्सिडीज का खड़ा हुआ लोगो (Standing Star) नॉर्मल था, लेकिन न्यू मॉडल में यह लोगो भी पहली बार इल्यूमिनेटेड यानी लाइट अप होने की खूबी के साथ आता है। इसके अलावा, नई DIGITAL LIGHT हेडलाइट्स और टेललाइट्स के अंदर कंपनी ने मर्सिडीज के सिग्नेचर 3-पॉइंटेड स्टार (Three-pointed star motifs) का कड़क डिजाइन दे दिया है, जो पुराने मॉडल में साधारण स्लीक लाइट्स के रूप में था।

इंटीरियर और टेक्नोलॉजी
एस-क्लास का असली जादू उसके केबिन के अंदर होता है, और यहीं पर मर्सिडीज ने सबसे बड़ा गेम खेला है।
MBUX Superscreen का धमाका: पुराने मॉडल में डैशबोर्ड के बीचों-बीच एक बड़ा वर्टिकल टैबलेट जैसा इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता था। लेकिन नए मॉडल में मर्सिडीज ने उसे हटाकर पूरी चौड़ाई वाली MBUX Superscreen को स्टैंडर्ड (Standard) कर दिया है। अब को-पैसेंजर के लिए भी डैशबोर्ड में अलग से स्क्रीन दी गई है।
स्मार्ट ऑपरेटिंग सिस्टम: नई एस-क्लास में कंपनी का बिल्कुल नया MB.OS (Mercedes-Benz Operating System) दिया गया है, जो जेनरेटिव एआई (Generative AI), ChatGPT-4o और गूगल जेमिनी पर आधारित है। इसका वर्चुअल असिस्टेंट पुराने मॉडल के मुकाबले कहीं ज्यादा इंसानी और कड़क तरीके से बातें समझता है। साथ ही, अब पीछे की सीट पर बैठने वालों के लिए भी 13.1 इंच के बड़े एंटरटेनमेंट स्क्रीन्स दिए गए हैं।

इंजन और परफॉर्मेंस
पावर और राइड क्वालिटी के मामले में मर्सिडीज ने पर्यावरण और परफॉर्मेंस दोनों का बेहतरीन ख्याल रखा है।
प्लग-इन हाइब्रिड (PHEV): पुराने मॉडल में ज्यादातर माइल्ड-हाइब्रिड (48V) पेट्रोल और डीजल इंजन का दबदबा था। लेकिन नए मॉडल (जैसे S 450e) में मर्सिडीज ने कड़क Plug-in Hybrid सिस्टम पेश किया है। इसमें 22 kWh का बड़ा बैटरी पैक मिलता है, जो कार को बिना पेट्रोल के सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड पर 100 किलोमीटर तक की कड़क रेंज देने की ताकत रखता है।
रफ्तार और कंट्रोल: नया S 580 वेरिएंट 530 हॉर्सपावर की बेजोड़ ताकत जेनरेट करता है, जिससे यह भारी कार मात्र 3.9 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार छू लेती है। इसके साथ ही नए मॉडल में Rear-Axle Steering (4.5 डिग्री तक) और बेहतर AIRMATIC सस्पेंशन को और रिफाइन किया गया है, जिससे तंग गलियों में भी इसे मोड़ना पुराने मॉडल से काफी आसान हो गया है।
कीमत
चूंकि नए मॉडल में टेक्नोलॉजी, एआई फीचर्स और प्लग-इन हाइब्रिड जैसे कड़क अपडेट्स दिए गए हैं, इसलिए इसकी कीमत भी पुराने मॉडल से थोड़ी प्रीमियम है। भारत में नई एस-क्लास की एक्स-शोरूम कीमत लगभग ₹2.20 करोड़ से ₹2.38 करोड़ के दायरे में है।
निष्कर्ष
पुराना मॉडल आज भी लग्जरी के मामले में बेजोड़ है, लेकिन अगर आपको कटिंग-एज टेक्नोलॉजी, डैशबोर्ड पर सुपरस्क्रीन का भौकाल, एआई की समझदारी और बिना पेट्रोल के 100 किमी तक की साइलेंट इलेक्ट्रिक ड्राइविंग का कड़क कॉम्बिनेशन चाहिए, तो न्यू मर्सिडीज एस-क्लास वाकई पुराने मॉडल से मीलों आगे निकल चुकी है।






















