Dragon Fruit Farming Business: ड्रैगन फ्रूट की खेती से हर साल कमाएं लाखों, मिलेगी 3 लाख रुपए की सब्सिडी

Harsh

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Dragon Fruit Farming Business: भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ कृषि गतिविधियाँ किसानों की मुख्य आजीविका हैं। आजकल किसान नई तकनीकों और फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जो न केवल उनकी आय को बढ़ा सकती हैं बल्कि उनके व्यवसाय को भी नई दिशा दे सकती हैं। एक ऐसा ही विदेशी फल है, जो अब भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और वह है ड्रैगन फ्रूट। इसके लाभदायक गुणों के कारण, ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए कई राज्य सरकारें किसानों को विशेष सब्सिडी और सहायता प्रदान कर रही हैं। इस लेख में, हम बिहार सरकार की ड्रैगन फ्रूट विकास योजना की जानकारी प्रदान करेंगे, जिसमें किसानों को 3 लाख रुपए तक की सब्सिडी मिल रही है।

Dragon Fruit Farming Business का लाभ

ड्रैगन फ्रूट, जिसे “पिटाया” भी कहा जाता है, थाईलैंड, इजरायल, वियतनाम और श्रीलंका में लोकप्रिय है। भारत में भी इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। यह फल न केवल पौष्टिक होता है बल्कि इसमें कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं। ड्रैगन फ्रूट की खेती करने से किसानों को प्रति एकड़ अच्छा मुनाफा मिल सकता है, जिससे उनकी आय दोगुनी हो सकती है। इस विदेशी फल की बढ़ती मांग को देखते हुए, कई राज्य सरकारें इसे बढ़ावा देने के लिए किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही हैं।

बिहार सरकार की Dragon Fruit विकास योजना

बिहार सरकार ने किसानों को ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए प्रोत्साहित करने का एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री बागवानी मिशन के तहत, सरकार ने ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए 3 लाख रुपए की सब्सिडी देने की घोषणा की है। यह योजना किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करेगी और खेती की लागत को कम करेगी, जिससे किसानों को बेहतर लाभ हो सके।

Dragon Fruit Farming Business
Dragon Fruit Farming Business

योजना के तहत सब्सिडी का लाभ

ड्रैगन फ्रूट की खेती पर किसानों को कुल लागत का 40 प्रतिशत सब्सिडी के रूप में दिया जाएगा। बिहार सरकार ने इस योजना के तहत कुल लागत 7.5 लाख रुपए तय की है। इस लागत पर 40 प्रतिशत की सब्सिडी तीन किस्तों में प्रदान की जाएगी। पहले वर्ष में 1.80 लाख रुपए, दूसरे और तीसरे वर्ष में क्रमशः 60 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। किसानों को पौधारोपण सामग्री की व्यवस्था खुद करनी होगी।

आवेदन प्रक्रिया

इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को डीबीटी पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। यदि आप पहले से पंजीकृत हैं, तो सीधे उद्यानिकी विभाग की वेबसाइट पर जाकर “फलों से संबंधित योजना” में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों का चयन “पहले आओ-पहले पाओ” के आधार पर किया जाएगा। इस योजना का लाभ न्यूनतम 0.25 एकड़ और अधिकतम 10 एकड़ के लिए उपलब्ध है। सामान्य वर्ग के किसानों को 78.56 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के किसानों को 20 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति के किसानों को 1.44 प्रतिशत भागीदारी दी जाएगी। प्रत्येक वर्ग में 30 प्रतिशत महिलाओं को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा।

योजना के लागू जिलों की सूची

ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री बागवानी मिशन योजना 2024-25 के तहत बिहार के 21 जिलों में लागू की गई है। इनमें भोजपुर, गोपालगंज, जहानाबाद, सारण, सीवान, सुपौल, औरंगाबाद, बेगूसराय, भागलपुर, गया, कटिहार, किशनगंज, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नालंदा, पश्चिम चंपारण, पटना, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया, समस्तीपुर और वैशाली जिले शामिल हैं। इन जिलों के किसानों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए उद्यानिकी विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा।

कंक्लुजन

Dragon Fruit Farming Business योजना एक लाभकारी अवसर प्रदान करती है, जो किसानों की आय को दोगुना कर सकती है। बिहार सरकार की इस योजना के तहत 3 लाख रुपए तक की सब्सिडी प्राप्त करके किसान इस विदेशी फल की खेती में निवेश कर सकते हैं और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं। इस योजना का लाभ उठाकर आप भी एक सफल कृषि उद्यमी बन सकते हैं और अपने व्यवसाय को नई ऊँचाइयों पर ले जा सकते हैं।

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