Gullak Season 5 Review: बदल गए ‘अन्नू भैया’ और घर का रंग, पर क्या आज भी वैसी ही है हमारे अपने मिश्रा परिवार की खनक?
हम सब के घरों में एक ऐसी अलमारी या कोना जरूर होता है, जहां बरसों पुरानी चीजें रखी होती हैं—धूल जमी हुई, लेकिन बेहद कीमती। सोनी लिव (SonyLIV) की सीरीज ‘गुल्लक’ भी ओटीटी (OTT) की दुनिया में बिल्कुल वैसी ही है। जब भी इस मिडल-क्लास परिवार की कहानी स्क्रीन पर आती है, ऐसा लगता है जैसे किसी ने हमारे अपने ही घर का शीशा हमारे सामने रख दिया हो।
अब संतोष मिश्रा, शांति मिश्रा, अन्नू और अमन अपने पांचवें सीजन (Gullak Season 5) के साथ लौट आए हैं। इस बार घर की दीवारों पर नया पेंट है, नया वाई-फाई है और जिंदगी के कुछ नए सबक हैं। लेकिन क्या इस बार भी गुल्लक के सिक्कों की खनक सीधे दिल को छूती है? आइए बिल्कुल देसी और सच्चे अंदाज में जानते हैं इसका रिव्यू।
इस बार मिश्रा निवास में क्या पक रहा है? (The Story)
कहानी वहीं से आगे बढ़ती है जहां छूटी थी, लेकिन इस बार बच्चे थोड़े और बड़े हो गए हैं। बड़ा बेटा अन्नू अब नौकरी की कड़वी हकीकत, ऑफिस की पॉलिटिक्स और अपनी डेंटिस्ट दोस्त प्रीति के बीच लाइफ को बैलेंस करने की कोशिश कर रहा है। वहीं छोटा बेटा अमन अब कॉलेज की हवा में है और शॉर्टकट से पैसे कमाने के चक्कर में पूरे परिवार को एक बड़ी मुसीबत में डाल देता है।
संतोष मिश्रा और शांति मिश्रा हमेशा की तरह अपनी छोटी-छोटी नोक-झोंक, एलपीजी सिलेंडर के दाम और होम लोन की किश्तों के बीच अपनी दुनिया संभाल रहे हैं। साथ में ‘बिट्टू की मम्मी’ का नया यूट्यूब चैनल और ‘पिंकी मामा’ की नई चमचमाती गाड़ी कहानी में कॉमेडी का तड़का लगाते हैं।
वो बातें जो आपका दिल जीत लेंगी (The Best Parts)
1. वही पुराना मिडल-क्लास सुकून
गुल्लक की सबसे बड़ी ताकत है इसका सादगी भरा अंदाज। पनीर असली है या नकली इसकी पहचान करना, बिना कपड़ों के धुले होने पर मम्मी का डांटना, और पापा का स्कूटर खराब होने पर परेशान होना—ये सब कोई फिल्मी सीन नहीं लगते, ये वो पल हैं जो हर मध्यमवर्गीय परिवार हर रोज जीता है।
2. जमील खान और गीतांजलि कुलकर्णी का जादू
संतोष मिश्रा के रोल में जमील खान और शांति मिश्रा के रूप में गीतांजलि कुलकर्णी ने एक बार फिर कमाल कर दिया है। इन दोनों को स्क्रीन पर देखना ऐसा लगता है जैसे हम अपने ही मम्मी-पापा को देख रहे हों। उनकी एक्टिंग में कोई दिखावा नहीं है, सिर्फ और सिर्फ प्योर इमोशन हैं।
3. ‘बिट्टू की मम्मी’ का स्वैग
इस सीजन में पड़ोसी यानी बिट्टू की मम्मी (सुनीता रजवार) ने महफिल लूट ली है। उनका रील्स बनाना, महिला मंडल चलाना और हर बात में अपनी नाक अड़ाना आपको पेट पकड़कर हंसने पर मजबूर कर देगा।
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वो बातें जो थोड़ी सी खटक सकती हैं (The Flaws)
1. नए ‘अन्नू भैया’ को अपनाने में लगेगा थोड़ा वक्त
इस सीजन का सबसे बड़ा झटका है अन्नू भैया का बदला हुआ चेहरा। पिछले चार सीजन से इस किरदार को अपनी रगों में बसाने वाले वैभव राज गुप्ता इस बार शो का हिस्सा नहीं हैं। उनकी जगह अनंत वी जोशी ने ली है।
सच कहें तो अनंत ने एक्टिंग बहुत शानदार की है, एक जिम्मेदार बड़े भाई के दर्द को उन्होंने बखूबी दिखाया है। लेकिन एक दर्शक के तौर पर, जिस चेहरे से हमें चार साल से प्यार था, उसकी जगह किसी और को देखना शुरुआत में थोड़ा सा अजीब लगता है।
2. खींचतान और सोशल मैसेज का बोझ
पिछले सीजन छोटे और चुटीले थे। इस बार मेकर्स ने 5 के बजाय 7 एपिसोड्स रखे हैं। कुछ जगहों पर ऐसा महसूस होता है कि कहानी को जानबूझकर लंबा खींचा गया है और जबरदस्ती कोई न कोई बड़ा सोशल मैसेज (जैसे समाज की कुरीतियां या महिला अधिकार) देने की कोशिश की गई है। इस वजह से गुल्लक का वो पुराना, हल्का-फुल्का अंदाज थोड़ा सा भारी लगने लगता है।
Conclusion:-
‘गुल्लक सीजन 5’ परफेक्ट नहीं है, इसमें कुछ कमियां हैं और नए चेहरे को स्वीकार करने में दिल थोड़ा वक्त लेता है। लेकिन इन सब के बावजूद, यह सीरीज आज के दौर में मिलने वाले गालियों और खून-खराबे वाले कंटेंट के बीच एक ठंडी हवा के झोंके जैसी है।
यह एक ऐसा शो है जिसे आप आज भी अपने पूरे परिवार, मम्मी-पापा और बच्चों के साथ बैठकर बिना किसी झिझक के देख सकते हैं। यह आपको हंसाएगी, पुरानी यादों में ले जाएगी और आखिरी एपिसोड खत्म होते-होते आपकी आंखों को थोड़ा सा नम भी कर जाएगी। वीकेंड पर सुकून के दो पल बिताने के लिए इसे जरूर देखें!























