UP Budget: डिजिटल बजट के जरिये योगी का बेरोजगारी पर निशाना, मजदूरों-किसानों की भी बल्ले-बल्ले

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उत्तर प्रदेश आम बजट (यूपी बजट) सोमवार को पेश किया गया है। योगी सरकार का यह बजट कई मायनों में खास है। यह देश का पहला पेपरलेस बजट है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली यूपी सरकार पेपरलेस बजट शुरू करने वाली देश की पहली सरकार है। अगले साल होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों के मद्देनजर योगी सरकार ने बजट में युवाओं और बेरोजगारों पर ध्यान केंद्रित किया है। वर्ष 2022 में, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जनवरी-फरवरी में प्रस्तावित हैं। योगी सरकार ने राज्य के सबसे बड़े हिस्से यानी युवाओं को इस बजट से खुश करने की कोशिश की है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार शुरू करने की घोषणा की।

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत, सामान्य महिलाओं और आरक्षित वर्ग के लाभार्थियों को 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण और सामान्य श्रेणी के पुरुषों के लिए 4% प्रति वर्ष की दर से बैंकों से ऋण प्रदान किया जाएगा। कपड़ा उद्योगों के माध्यम से 25 हजार लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य है। बजट में पावरलूम बुनकरों को रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराने का भी प्रावधान है। गौरतलब है कि राज्य में कुछ महीनों में पंचायत चुनाव भी होने वाले हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, सरकार ने कई योजनाओं के लिए भारी फंड दिया।

बजट में कन्या सुमंगल योजना के लिए 1,200 करोड़ रुपये, महिला शक्ति केंद्रों के लिए 32 करोड़ रुपये, गांवों में स्टेडियमों के लिए 25 करोड़ रुपये, संस्कृत विद्यालयों में मुफ्त छात्रावास की सुविधा, बीमा के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अधिवक्ताओं के चैंबर के लिए 20 करोड़ रुपये, राज्य की नहरों के लिए 700 करोड़ रुपये, डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के लिए 32 करोड़ रुपये, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए 1107 करोड़ रुपये, निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों के लिए 950 करोड़ रुपये, चित्रकूट में पर्यटन के लिए 20 करोड़ रुपये के करोड़ों रुपये हैं।

प्रदान किया गया। अयोध्या के विकास के लिए 140 करोड़ का बजट प्रस्तावित है। मर्यादा पुरुषोत्तम राम के बाद अयोध्या हवाई अड्डे के नामकरण की घोषणा के बाद, सदन में जय श्रीराम के नारे लगाए गए। भाजपा विधायकों ने जोर-शोर से श्रीराम के नाम की घोषणा की। आपको बता दें कि लखनऊ में राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल के निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन में राज्य के श्रमिकों को रोजगार और स्वरोजगार प्रदान करने के लिए एक नई योजना मुख्यमंत्री प्रवासी श्रमिक विकास योजना लाई जा रही है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।

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