Scene Movie Review: साउथ सिनेमा के सुपरस्टार सूर्या एक बार फिर अपनी नई फिल्म ‘Scene’ के साथ दर्शकों के बीच आ गए हैं। इस फिल्म को लेकर पहले से ही काफी चर्चा थी, क्योंकि इसमें सूर्या के साथ नाजरिया नाज़िम और नसलेन जैसे कलाकार भी नजर आ रहे हैं। फिल्म की खास बात यह है कि इसमें सिर्फ एक्शन और सस्पेंस ही नहीं, बल्कि कॉमेडी का भी अच्छा तड़का लगाया गया है। अगर आप ऐसी फिल्में देखना पसंद करते हैं, जिनमें हर थोड़ी देर में कुछ नया देखने को मिले, तो Scene आपके लिए एक दिलचस्प अनुभव हो सकती है।
फिल्म 6 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इसका निर्देशन जीतू माधवन ने किया है, जो इससे पहले ‘Romancham’ और ‘Aavesham’ जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। इस बार उन्होंने तमिल सिनेमा में अपनी शुरुआत की है और एक ऐसी कहानी पेश की है, जिसमें क्राइम, कॉमेडी और थ्रिलर तीनों का मेल देखने को मिलता है।
Scene Movie की कहानी कैसी है?
फिल्म की कहानी इनबराज नाम के एक पुलिस अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार सूर्या ने निभाया है। इनबराज एक तेज दिमाग वाला पुलिस अफसर है, जो छोटी से छोटी चीज पर ध्यान देता है और अपराध की गुत्थी सुलझाने में माहिर है। वह अपनी नौकरी से रिटायर होना चाहता है, लेकिन एक पुराने मामले से जुड़ी नई घटनाएं उसे फिर से जांच में शामिल होने के लिए मजबूर कर देती हैं।
शहर में एक के बाद एक हत्याएं होने लगती हैं। इन मामलों के पीछे ईश्वरन नाम का एक बेहद चालाक सीरियल किलर है, जिसका किरदार नसलेन ने निभाया है। इनबराज इस किलर तक पहुंचने की कोशिश करता है और इसी दौरान माया यानी नाजरिया नाज़िम उसकी मदद करती है। इसके बाद शुरू होता है एक दिलचस्प खेल, जिसमें पुलिस और अपराधी दोनों अपनी-अपनी चाल चलते हैं।
फिल्म की कहानी में कई ऐसे मोड़ आते हैं, जो दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखते हैं। खास बात यह है कि निर्देशक ने गंभीर अपराध की कहानी को हल्के-फुल्के अंदाज में पेश किया है। यही वजह है कि फिल्म केवल एक सामान्य क्राइम थ्रिलर बनकर नहीं रह जाती।
सूर्या की एक्टिंग कैसी है?
Scene में सूर्या का अभिनय फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने इनबराज के किरदार को काफी सहज अंदाज में निभाया है। इस बार उनका किरदार हर समय गुस्से या गंभीरता में नजर नहीं आता, बल्कि उसमें कॉमेडी, समझदारी और थोड़ी अजीबोगरीब आदतें भी देखने को मिलती हैं। सूर्या की टाइमिंग और एक्सप्रेशन कई जगह दर्शकों को हंसाते हैं।
वहीं नसलेन ने ईश्वरन के किरदार में शानदार काम किया है। उनका शांत और सामान्य दिखने वाला अंदाज किरदार को और भी दिलचस्प बनाता है। नाजरिया नाज़िम भी अपनी भूमिका में अच्छी लगती हैं। उन्हें फिल्म में सिर्फ सूर्या के साथ खड़े रहने वाला किरदार नहीं दिया गया, बल्कि कहानी में उनकी अपनी अहमियत है।

डायरेक्शन और म्यूजिक कैसा है?
जीतू माधवन ने फिल्म को अपने अलग अंदाज में पेश किया है। उन्होंने सस्पेंस के साथ कॉमेडी को इस तरह मिलाया है कि कई दृश्य काफी मनोरंजक बन जाते हैं। फिल्म में सूर्या की पुरानी फिल्मों से जुड़े कुछ खास संदर्भ भी देखने को मिलते हैं, जो उनके प्रशंसकों को पसंद आ सकते हैं।
सुषिन श्याम का बैकग्राउंड म्यूजिक फिल्म के माहौल को बेहतर बनाने में मदद करता है। खासकर सस्पेंस वाले दृश्यों में संगीत कहानी के प्रभाव को बढ़ाता है। सिनेमैटोग्राफी और एडिटिंग भी अच्छी है, हालांकि दूसरे हाफ के कुछ हिस्सों में कहानी की रफ्तार थोड़ी धीमी महसूस हो सकती है।
Scene Movie की कमजोरियां क्या हैं?
फिल्म की शुरुआत थोड़ी धीरे होती है और कहानी को समझने में कुछ समय लगता है। दूसरे हाफ में कुछ जगहों पर कॉमेडी और जांच के बीच संतुलन बिगड़ता हुआ महसूस हो सकता है। इसके अलावा सूर्या और नाजरिया के बीच रिश्ते को थोड़ा और समय दिया जाता, तो भावनात्मक हिस्सा बेहतर बन सकता था। हालांकि, फिल्म का क्लाइमैक्स इन कमियों को काफी हद तक संभाल लेता है।
Scene Movie देखनी चाहिए या नहीं?
अगर आपको क्राइम थ्रिलर, सीरियल किलर वाली कहानियां और डार्क कॉमेडी पसंद है, तो Scene एक बार जरूर देखी जा सकती है। फिल्म की सबसे बड़ी खासियत सूर्या और नसलेन की एक्टिंग है। यह फिल्म हर जगह परफेक्ट नहीं है, लेकिन इसका अलग अंदाज और मनोरंजक कहानी इसे देखने लायक बनाते हैं।
कुल मिलाकर Scene एक ऐसी फिल्म है, जिसमें सस्पेंस के साथ हंसी और मनोरंजन भी मिलता है। सूर्या के प्रशंसकों के लिए यह फिल्म खास हो सकती है, क्योंकि इसमें उन्हें अपने पसंदीदा अभिनेता का एक अलग और सहज अंदाज देखने को मिलता है।

