Ab Hoga Hisaab Review: शाहीर शेख की नई सीरीज, थ्रिलर के नाम पर वक्त की बर्बादी या है कुछ खास? जानिए

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Ab Hoga Hisaab Review: अमेज़न एमएक्स प्लेयर (Amazon MX Player) पर एक नई वेब सीरीज आई है, जिसका नाम है ‘अब होगा हिसाब’ (Ab Hoga Hisaab)। इस सीरीज में शाहीर शेख, संजय कपूर और मौनी रॉय जैसे बड़े कलाकार हैं। यह कहानी पंजाब के उन युवाओं पर आधारित है जो किसी भी तरह गैरकानूनी तरीके से विदेश (कनाडा) जाना चाहते हैं और धोखेबाज़ एजेंटों के जाल में फंस जाते हैं। अगर आप इसे देखने की सोच रहे हैं, तो पहले आसान शब्दों में इसका रिव्‍यू जान लीजिए।

कहानी क्या है? (Story)

कहानी बॉबी (शाहीर शेख) नाम के एक लड़के की है। बॉबी खुद कनाडा से वापस निकाल दिया गया है, लेकिन वह अपने छोटे भाई बंटी को हर हाल में कनाडा भेजना चाहता है। बंटी को विदेश भेजने के चक्कर में बॉबी का भाई अचानक गायब हो जाता है।

जब बॉबी अपने भाई को ढूंढने निकलता है, तो उसे पता चलता है कि पंजाब में गोल्डी सेखोन (संजय कपूर) नाम का एक बड़ा विलेन एक्टिव है। गोल्डी और उसकी साथी कामना (मौनी रॉय) सीधे-सादे लड़कों को विदेश भेजने का लालच देते हैं और फिर उनका किडनैप करके उनके शरीर के अंग बेचने (Organ Trafficking) का काला धंधा करते हैं। इसके बाद बॉबी अपने भाई को बचाने और विलेन से ‘हिसाब’ चुकता करने के लिए निकल पड़ता है।

क्या अच्छा है? (Good Points)

शाहीर शेख की एक्टिंग: शाहीर शेख ने एक परेशान और लाचार बड़े भाई का रोल बहुत अच्छे से निभाया है। उन्हें देखकर लगता है कि वो सच में अपने भाई के लिए परेशान हैं।

संजय कपूर का विलेन रोल: संजय कपूर इस सीरीज में विलेन बने हैं और उनका अंदाज काफी डरावना और कड़क है।

पंजाब का माहौल: सीरीज की शूटिंग पंजाब के गांवों और असली जगहों पर हुई है, जो देखने में एकदम असली लगती है।

कमी कहाँ रह गई? (Bad Points)

बहुत लंबी और धीमी है: इस सीरीज में कुल 10 एपिसोड हैं। कहानी बहुत धीरे-धीरे आगे बढ़ती है और कई जगह आपको बोरियत होने लगेगी। इसे छोटा और तेज किया जा सकता था।

सस्पेंस की कमी: यह एक थ्रिलर (रोमांचक) सीरीज है, लेकिन इसमें ऐसा कोई बड़ा ट्विस्ट नहीं है जिसे देखकर आप चौंक जाएं। आगे क्या होगा, इसका अंदाजा आसानी से लग जाता है।

मौनी रॉय का छोटा रोल: मौनी रॉय जैसी बड़ी एक्ट्रेस को सीरीज में बहुत कम मौका मिला है। उनका रोल और बेहतर हो सकता था।

अधूरी कहानी: सीरीज का अंत अधूरा रहता है ताकि इसका दूसरा पार्ट (सीजन 2) बनाया जा सके। इस वजह से लास्ट एपिसोड देखने के बाद मज़ा अधूरा रह जाता है।

Ab Hoga Hisaab Review

आखिरी फैसला: देखें या न देखें?

‘अब होगा हिसाब’ की कहानी का मुद्दा बहुत अच्छा है, लेकिन इसे बहुत ज्यादा लंबा खींच दिया गया है। अगर आप शाहीर शेख या संजय कपूर के बहुत बड़े फैन हैं और आपके पास वीकेंड पर काफी खाली समय है, तो आप इसे एक बार देख सकते हैं। लेकिन अगर आपको बहुत ज्यादा थ्रिलर और सस्पेंस वाली फिल्में पसंद हैं, तो यह सीरीज आपको थोड़ी धीमी लग सकती है।

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