दिल्ली में नकली स्मार्टफोन बनाने और बेचने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। राजधानी में चल रहे इस फर्जीवाड़े में नकली Samsung Galaxy फोन तैयार किए जा रहे थे जिन्हें असली बताकर बाजार में बेचा जा रहा था। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने समय रहते कार्रवाई करते हुए इस रैकेट का पर्दाफाश किया और कई चौंकाने वाले खुलासे किए। यह मामला न सिर्फ ब्रांड फ्रॉड से जुड़ा है बल्कि आम ग्राहकों की सुरक्षा और भरोसे पर भी सीधा हमला है।
दिल्ली के किस इलाके में बन रहे थे नकली फोन?
पुलिस जांच में सामने आया है कि दिल्ली के बाहरी और औद्योगिक इलाकों में यह अवैध काम किया जा रहा था। आरोपियों ने एक किराए के गोदाम और छोटे-छोटे फ्लैट्स को मिनी फैक्ट्री में बदल रखा था। यहां सस्ते और लोकल पार्ट्स का इस्तेमाल करके नकली Samsung Galaxy स्मार्टफोन तैयार किए जाते थे। इन फोनों की बॉडी, पैकिंग और यहां तक कि सीरियल नंबर भी असली जैसे बनाए जाते थे, ताकि ग्राहक आसानी से धोखा खा जाए।

कैसे होती थी नकली Galaxy फोन की तैयारी?
पुलिस के अनुसार, आरोपी चीन और अन्य लोकल सप्लायर्स से सस्ते मोबाइल पार्ट्स मंगवाते थे। इनमें लोकल डिस्प्ले, कम क्वालिटी के प्रोसेसर, नकली बैटरी और सस्ते कैमरा मॉड्यूल शामिल थे। इसके बाद इन सभी पार्ट्स को जोड़कर फोन तैयार किया जाता और उन पर Samsung Galaxy का लोगो लगाया जाता था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि फोन के सॉफ्टवेयर में भी हेरफेर की जाती थी। नकली UI और फेक एंड्रॉयड इंटरफेस तैयार कर फोन को असली Galaxy सीरीज जैसा दिखाया जाता था।
पैकिंग और IMEI तक थे फर्जी
पुलिस को छापेमारी के दौरान नकली डिब्बे चार्जर डेटा केबल और वारंटी कार्ड भी बरामद हुए। इतना ही नहीं फोनों पर लगाए गए IMEI नंबर भी फर्जी थे या फिर पुराने बंद हो चुके फोनों के IMEI का इस्तेमाल किया जा रहा था। इससे यह साफ हो गया कि यह रैकेट काफी समय से चल रहा था और इसमें तकनीकी जानकारी रखने वाले लोग शामिल थे।
कैसे बेचे जाते थे ये नकली फोन?
नकली Samsung Galaxy फोन को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म सोशल मीडिया और लोकल मार्केट्स के जरिए बेचा जा रहा था। कई बार इन्हें “सील पैक” और “ओरिजिनल स्टॉक” बताकर ग्राहकों को लुभाया जाता था कुछ मामलों में इन फोनों को असली से 30 से 40 प्रतिशत सस्ते दाम पर बेचा जाता था जिससे ग्राहक आसानी से फंस जाते थे। पुलिस का कहना है कि कई दुकानदार भी इस रैकेट में शामिल थे जो जानबूझकर नकली फोन बेच रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस को इस गिरोह के बारे में गुप्त सूचना मिली थी जिसके बाद कई दिनों तक निगरानी की गई। पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने एक साथ कई जगहों पर छापेमारी की इस कार्रवाई में कई आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं और सैकड़ों नकली Samsung Galaxy फोन जब्त किए गए हैं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में मोबाइल पार्ट्स पैकिंग मटेरियल और मशीनें भी बरामद हुई हैं जिनका इस्तेमाल फोन असेंबल करने में किया जा रहा था।
कितने समय से चल रहा था यह रैकेट?
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह फर्जीवाड़ा पिछले कई महीनों से चल रहा था। आरोपी हर महीने सैकड़ों नकली स्मार्टफोन तैयार कर बाजार में उतार रहे थे। शुरुआती अनुमान के मुताबिक इस रैकेट से लाखों रुपये की अवैध कमाई की जा चुकी है।
इस तरह के नकली फोन न सिर्फ ब्रांड की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि ग्राहकों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनते हैं। नकली बैटरी और घटिया क्वालिटी के पार्ट्स की वजह से फोन फटने ओवरहीटिंग और डेटा चोरी जैसे जोखिम बढ़ जाते हैं। Samsung जैसी बड़ी कंपनी के नाम का गलत इस्तेमाल कर ग्राहकों को ठगा जा रहा था जिस पर अब सख्त कार्रवाई की जा रही है।
ग्राहकों को कैसे बचना चाहिए?
पुलिस और विशेषज्ञों का कहना है कि ग्राहक हमेशा ऑथराइज्ड स्टोर या भरोसेमंद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से ही फोन खरीदें। बहुत ज्यादा सस्ता ऑफर दिखे तो सतर्क हो जाएं। फोन खरीदते समय IMEI नंबर को आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर चेक करें और बिल व वारंटी कार्ड लेना न भूलें
दिल्ली में नकली Samsung Galaxy फोन बनाने वाले इस रैकेट का पर्दाफाश पुलिस की बड़ी सफलता है। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि सस्ते लालच में आकर खरीदे गए फोन भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। पुलिस की कार्रवाई से ऐसे गिरोहों पर लगाम लगने की उम्मीद है, लेकिन ग्राहकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।






















