PM Vishwakarma Yojana: पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए कड़क सरकारी स्कीम; ₹3 लाख का लोन और हर दिन ₹500 का स्टाइपेंड!
हमारे देश में सदियों से हाथ और औजारों से काम करने वाले कारीगर, जैसे—लोहार, सुनार, कुम्हार, राजमिस्त्री, मोची और दर्जी, हमारी अर्थव्यवस्था और संस्कृति की रीढ़ रहे हैं।
इन पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, उनका हुनर निखारने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार की एक बेहद कड़क योजना काम करती है, जिसका नाम है—प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana)। यह योजना न सिर्फ कारीगरों को मुफ्त ट्रेनिंग देती है, बल्कि उन्हें अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए बिना गारंटी के बहुत ही सस्ते ब्याज पर लोन भी मुहैया कराती है। आइए, आसान और सीधे पैराग्राफ में समझते हैं कि यह योजना क्या है और इसका फायदा कैसे उठाएं।
PM Vishwakarma Yojana: योजना क्या है और इसमें क्या-क्या फायदे मिलते हैं?
पीएम विश्वकर्मा योजना मुख्य रूप से देश के 18 पारंपरिक व्यापारों से जुड़े कारीगरों और शिल्पकारों को आगे बढ़ाने के लिए शुरू की गई है। इस योजना के तहत सरकार लाभार्थियों को कई तरह की कड़क वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करती है:
- स्किल ट्रेनिंग और स्टाइपेंड: योजना के तहत कारीगरों को उनके काम को और बेहतर बनाने के लिए 5 से 7 दिनों की बेसिक ट्रेनिंग और 15 दिन या उससे अधिक की एडवांस ट्रेनिंग दी जाती है। सबसे कड़क बात यह है कि ट्रेनिंग के दौरान कारीगरों को हर दिन ₹500 का स्टाइपेंड (भत्ता) भी मिलता है, ताकि उनकी मजदूरी का नुकसान न हो।
- टूलकिट के लिए ₹15,000: ट्रेनिंग पूरी होने के बाद नए और आधुनिक औजार (Tools) खरीदने के लिए सरकार की तरफ से ₹15,000 का वाउचर या ई-श्रम वाउचर बिल्कुल मुफ्त दिया जाता है।
- सस्ता लोन (Collateral Free Loan): अपना खुद का रोजगार शुरू करने या बढ़ाने के लिए सरकार बिना किसी गारंटी के ₹3 लाख तक का लोन केवल 5% की बेहद रियायती ब्याज दर पर देती है। यह लोन दो किश्तों में मिलता है—पहले चरण में ₹1 लाख और इसे सही समय पर चुकाने के बाद दूसरे चरण में ₹2 लाख।

कौन-कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ (Eligibility)?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए भारत सरकार ने 18 पारंपरिक व्यवसायों को सूचीबद्ध किया है। अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य नीचे दिए गए कामों से जुड़ा है, तो वह आवेदन कर सकता है:
- बढ़ई (Carpenter), नाव बनाने वाले, अस्त्र बनाने वाले, लोहार (Blacksmith), हथौड़ा और टूलकिट निर्माता, ताला बनाने वाले।
- सुनार (Goldsmith), कुम्हार (Potter), मूर्तिकार (Sculptor), पत्थर तराशने वाले, मोची (Cobbler)/जूता कारीगर।
- राजमिस्त्री (Mason), टोकरी/चटाई/झाड़ू बनाने वाले, कयर बुनकर, गुड़िया और खिलौने बनाने वाले (पारंपरिक)।
- नाई (Barber), मालाकार (Garland maker), धोबी (Washerman), दर्जी (Tailor) और मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले।
जरूरी नियम: आवेदक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। परिवार के केवल एक ही सदस्य को इस योजना का लाभ मिल सकता है। साथ ही, आवेदक सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए और उसने पिछले 5 सालों में स्वरोजगार के लिए किसी अन्य सरकारी लोन योजना (जैसे PMEGP या PM SVANidhi) का लाभ न लिया हो।
PM Vishwakarma Yojna: जरूरी दस्तावेज और आवेदन करने का सीधा तरीका
इस कड़क योजना का लाभ उठाने के लिए आपके पास कुछ बेहद बेसिक और जरूरी कागजात होने चाहिए, जिनमें आधार कार्ड, मोबाइल नंबर (जो आधार से लिंक हो), बैंक खाता पासबुक और राशन कार्ड शामिल हैं।

PM Vishwakarma Yojna: रजिस्ट्रेशन की प्रोसेस
- आवेदन करने के लिए आपको अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाना होगा। आप खुद भी इसकी ऑफिशियल वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं।
- सबसे पहले अपना मोबाइल नंबर और आधार कार्ड वेरीफाई कराएं।
- इसके बाद ‘शिल्पकार पंजीकरण फॉर्म’ (Artisan Registration Form) में अपनी पूरी जानकारी और अपने काम का ब्यौरा सही-सही भरें।
- फॉर्म सबमिट होने के बाद अधिकारियों द्वारा आपके काम का वेरिफिकेशन (जांच) किया जाएगा।
- जांच पूरी होते ही आपको एक PM Vishwakarma Digital ID और सर्टिफिकेट मिल जाएगा, जिसके बाद आप ट्रेनिंग और लोन के लिए पूरी तरह पात्र हो जाएंगे।
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